दोस्तों आज के इस दौर में जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है वैसे वैसे  मोबाइल यूजर भी बढ़ रही है।और  मोबाइल गुजर में वृद्धि होने के कारण रेडिएशन भी बढ़ रहा है।और ये रेडिएशन हम सभी के लिए बहुत हानिकारक है। इस रेडिएशन के कारण बहुत सारी बीमारियां आपको देखने को मिल जाती है। तो दोस्तो आज के इस ब्लॉग में हम देखेंगे कि रेडिएशन  के कारण कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती है और इसका क्या क्या उपाय है और हम जानेंगे कि कितना रेडिएशन हमारे लिए सही है तो दोस्तों इस ब्लॉग में लास्ट तक बने रहिए।





अधिक रेडिएशन से कौन कौन सी बीमारी या दिक्कतें हो सकती है:

 दोस्तो अधिक  रेडिएशन से हमे बहुत तरह की दिक्कतो  का सामना करना पड़ सकता है जैसे कि सिरदर्द, सिर में झनझनाहट, लगातार थकान महसूस करना, चक्कर आना, डिप्रेशन, नींद न आना, आंखों में ड्राइनेस, काम में ध्यान न लगना, कानों का बजना, सुनने में कमी, याददाश्त में कमी, पाचन में गड़बड़ी, अनियमित धड़कन, जोड़ों में दर्द आदि। और दोस्तो यहां तक कि इसके अलावा इससे कैंसर जैसी बीमारियां भी देखने को मिले है। WHO ने भी कहा है कि इससे कैंसर भी हो सकता है। इसके अलावा आपको इसके कारण आपको प्रजनन क्षमता में कमी,  ब्रेन ट्यूमर ,और बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।


 मोबाइल रेडिएशन कैसे  काम करता है;-

 दोस्तो आइए जानते हैं कि रेडिएशन कैसे काम करता है।

 दोस्तो जब हमारा मोबाइल नेटवर्क सर्च करता है तो इस समय हमारा मोबाइल टावर नेटवर्क को रेडिएशन भेजता है और इस तरह टावर नेटवर्क से भी रेडिएशन आता है और इस रेडियेशन के कारण हमे नेटवर्क देखने को मिलता है।और यह रेडिएशन अगर SAR value से अधिक है तो यह हमारे लिए हानिकारक हो सकता है। इंटरनेट सर्फिंग के द्वारा हमे अधिक रेडिएशन देखने को मिलता है।


SAR value क्या है?


अमेरिका के नेशनल स्टैंडर्ड instute ( national standard institute) के अनुसार एक निश्चित समय के अंदर किसी इंसान या जानवर के शरीर में प्रवेश करने वाली इलेक्ट्रो मेग्नेट तरंगों की माप को सार कहते हैं। SAR का पूरा नाम:- Specific observation ratio

और इसके साथ SAR संख्या ( SAR no.)  वह उर्जा है जो मोबाइल के इस्तमाल के वक्त इंसान का शरीर सोखता  है। मतलब की जिस मोबाईल की SAR संख्या जितना ज्यादा होगा वह शरीर के लिए उतना ही नुकसान दायक होगा।



भारत में SAR value के लिए नियम:-

 हर मोबाइल फोन के लिए एक निश्चित SAR value निर्धारित किया गया है। शुरु में साहब बेलू सभी मोबाइलों के लिए SAR value 2 Watt प्रति किलो  से ज्यादा बिल्कुल नहीं होना चाहिए  यह कहा गया था। जिसे बाद में INSARL (इंडियंस नेशनल स्पेसिफिक ऑब्जर्वेशन रेट लिमिट) के द्वारा 1.6 वॉट/ किलो कर दिया गया। हर मोबाइल फोन का SAR value आपको लगभग 1.6वॉट/किलो के आसपास या इससे कम देखने को मिल जाएगा।पर अगर आपके मोबाइल का SAR value इससे अधिक है तो आपको अपना मोबाइल या तो बदल देना चाहिए या बहुत कम उपयोग में लेना चाहिए। तो बात आती है कि मोबाइल की SAR value कैसे चेक करें या कैसे जाने तो 

अपने मोबाईल का SAR value  आप अपको मोबाइल बॉक्स में ढूढने पर मिल जायेगा। या आप इसे कॉल  कर भी प्राप्त कर सकते है।इसके लिए आपको डायल करना होगा *#07# और आपको अपना SAR value दिख जायेगा।



आखिर मोबाइल रेडिएशन से कैसे बचा जा सकता है

तो तो अब बात आती है कि हम मोबाइल रेडिएशन से कैसे बच सकते हैं।

 1) मोबाइल खरीदते समय मोबाइल का SAR वैल्यू जरूर चेक कर लें कि इसका वैल्यू1.6वॉट/किलो से कम हो।

2) जब डाटा का यूज न हो तो डाटा बंद कर दें। आपके मोबाइल का डाटा on होने पर आपको अधिक रेडियेशन दिखने को मिलता है।

3) अपने मोबाइल को जितना ज्यादा हो सके अपने से दूर रखने की कोशिश करे।सोते समय तकिए के नोचें न रखे। डाटा बंद कर के रखे। जेब या पर्स में कम से कम रखें।